Essay On Sadbhavana Diwas Timsina

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The Union Government will continue with the 22-year-long tradition of observing the birth anniversary of former Prime Minister Rajiv Gandhi as “Sadbhavana Diwas” on August 20.

The theme of “Sadbhavana Diwas”, which is celebrated across the country every year, is to promote national integration and communal harmony and spread the message of goodwill towards everyone and eschewing violence.

“Preparations for the event are under way and a circular in this regard has been sent to all the ministries,” said a government official.

As part of the event, officials take a pledge to work for “the emotional oneness and harmony of all the people of India regardless of caste, region, religion or language” and to resolve all differences “through dialogue and constitutional means without resorting to violence”.

The All India Congress Committee has also instituted the Rajiv Gandhi National Sadbhavana Award to commemorate the contributions of the former Prime Minister. It carries a citation and cash award of Rs.5 lakh. The award is bestowed upon those having contributed to the promotion of peace, communal harmony and national integration.

This year, noted filmmaker Muzaffar Ali has been selected for the 22nd edition of the award that would be presented to him at a ceremony on August 20.

Among the previous recipients of the award are Mother Teresa, Ustad Bismillah Khan, Lata Mangeshkar, Dilip Kumar, Ustad Amjad Ali Khan and K.R. Narayanan.

Sadbhavana Diwas In Hindi पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के जन्म दिवस को सद्भावना दिवस के रूप में हर साल 20 अगस्त को मनाया जाता है. सद्भावना मतलब एक दुसरे के प्रति अच्छी भावना रखना. राजीव गाँधी भारत देश के एक युवा नेता एवं प्रधानमंत्री थे. इन्होने भारत देश के विकास के लिए अनेकों कार्य किये, इनकी सरकार का एक ही उद्देश्य था कि देश के सभी जाति धर्म के लोग एक दुसरे से प्यार करे, एक दुसरे के प्रति अच्छी भावना रखें.

सद्भावना दिवस 

Sadbhavana Diwas Essay In Hindi

सद्भावना दिवस प्रतिज्ञा (Sadbhavana Diwas Pledge) –

सद्भावना दिवस के मौके पर सभी देशवासी प्रतिज्ञा लेते है. यह प्रतिज्ञा कांग्रेस पार्टी के समारोह में ली जाती है. इस प्रतिज्ञा में बोला जाता है कि देश का हर एक नागरिक जाति, धर्म, क्षेत्र एवं भाषा को न देखते हुए, इंसानियत को सबसे उपर रखेगा और एक दुसरे से अपने समान प्यार करेगा. साथ ही भारत के संविधान की रक्षा करते हुए, सभी धर्मों के बीच की दूरियों को कम करने में प्रयासरत रहेगा.

सद्भावना दिवस 2017 (Sadbhavana Diwas 2017) –

सद्भावना दिवस 20 अगस्त 2017 को मनाया जायेगा. यह श्री राजीव गाँधी के जन्म दिन दिवस पर मनाया जाता है, इस बार उनकी 73 वीं वर्षगांठ है.

सद्भावना दिवस समारोह (Sadbhavana diwas meaning) –

सद्भावना दिवस पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के द्वारा विशेष आयोजन होता है. देश भर में पार्टी सदस्य अपने पूर्व नेता राजीव गांधी को श्रधांजलि देते है, उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते है. उनकी फोटो पर माल्यार्पण किया जाता है, दीपक जलाकर उन्हें याद किया जाता है. दिल्ली में स्थित राजीव गाँधी के समाधी स्थल वीरभूमि में राजीव गाँधी का पूरा परिवार, करीबी मित्र, रिश्तेदार और कांग्रेस पार्टी के मुख्य लोग इक्कठे होते है, इसके अलावा देश के और भी दूसरी पार्टी के प्रमुख नेता भी राजीव गाँधी को श्रधांजलि देने के लिए वहां जाते है.

सद्भावना दिवस के द्वारा राजीव गाँधी के द्वारा किये गए अविस्मरणीय प्रयास, राष्ट्र की प्रगति के कार्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं में उनके अभूतपूर्व योगदान को याद किया जाता है. यह दिन राष्ट्रीय प्रगति के उनके जुनून को पूरा करने के लिए मनाया जाता है.

राजीव गाँधी चाहते थे, भारत देश एक विकसित देश बन जाये. भारत को एक विकसित देश बनाने की उनकी दृष्टि स्पष्ट रूप से, देश के लिए किये गए आर्थिक और सामाजिक कार्यों की संख्या को देखकर समझा जा सकता था. उनके उत्साही और प्रेरणादायक शब्द, देश के विकास में उनके भाषण के दौरान सुनने को मिलते थे, जिसे अभी भी उनकी जयंती पर याद किया जाता है. उनके द्वारा कही हुई बातें, बहुत प्रेरणादायक है, जो भारत का नेतृत्व करने के लिए देश के युवाओं को प्रेरित करती हैं. राजीव गाँधी एक युवा नेता थे, उन्होंने देश के विकास के लिए युवा शक्ति को सबसे उपर रखा था. राजीव गाँधी के कार्य, उनकी छवि से आज भी देश की युवा पीढ़ी प्रेरणा प्राप्त करती है. राजीव गाँधी द्वारा कही गई एक बात –

“भारत एक पुराना देश है, लेकिन यह एक नया राष्ट्र है. जैसे युवा अपने जीवन में नया कार्य करने के लिए, बैचेन रहते है, वैसे ही भारत देश है, जो तेजी से जल्दी विकास चाहता है. मैं एक जवान हूँ, और मेरा भी एक सपना है. मैं चाहता हूँ भारत देश आत्मनिर्भर बने, उसे किसी पर निर्भर न होना पड़े, वह एक शक्तिशाली, स्वतंत्र देश बनकर सामने आये. मानवता में भारत देश सबसे आगे रहे.”

सद्भावना दिवस सेलिब्रेशन (Sadbhavana Diwas Celebration) –

सद्भावना दिवस के दिन देश के अलग अलग हिस्सों में कार्यक्रम आयोजित किये जाते है. इस दिन सभी को गो ग्रीन का पाठ सिखाया जाता है, जो इस दिन अधिक अधिक वृक्षारोपण करते है, कार्यक्रम में हरियाली थीम पर अधिक ध्यान दिया जाता है. प्रकति को साफ़ सुथरा रखने, प्रदुषण को दूर करने पर भाषण दिए जाते है. प्रदुषण की समस्या के कारण और उसके समाधान को यहाँ पढ़ें. बच्चों द्वारा इस विषय पर नाटक, पेंटिंग, वाद विवाद, गायन की प्रतियोगिता होती है.

सद्भावना दिवस रैली –

हर साल इस दिन कुछ करने का प्रयास किया जाता है. राजीव गाँधी के 69वीं वर्षगांठ पर उड़ीसा के भुवनेश्वर में सद्भावना साइकिल रैली निकाली गई थी. जिसका मोर्चा कांग्रेस नेता लोकनाथ मराठी ने संभाला था. कांग्रेस पार्टी के प्रख्यात सदस्यों ने रैली और दिन के अन्य कार्यों में भाग लिया था.

कई स्कूल, कॉलेजों द्वारा जिला स्तर पर रैली निकाली जाती है, साथ ही अन्य कार्यक्रम आयोजन होता है. यह भारत के लिए मुख्य दिन होता है, लेकिन इस दिन नेशनल हॉलिडे नहीं होता है. राजीव गाँधी की जीवनी को यहाँ पढ़ें.

राजीव गाँधी नेशनल सद्भावना अवार्ड (Rajiv Gandhi Sadbhavana Award) –

एक भारतीय पुरस्कार है, जो सांप्रदायिक सद्भाव, राष्ट्रीय एकता और शांति को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है. यह पुरस्कार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के अखिल भारतीय कांग्रेस समिति द्वारा शुरू किया गया था, 1992 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी द्वारा दिए गए योगदान को स्थाई बनाने के लिए इस पुरुस्कार की शुरुवात हुई थी, सबसे पहले पुरुस्कार के तौर पर 5 लाख की राशी वितरित की गई थी. तब से अब तक हर साल सद्भावना दिवस के मौके पर सद्भावना अवार्ड का फंक्शन रखा जाता है. यह अवार्ड अब इन लोगों को मिल चूका है –

क्रमांकनाम
1.मदर टेरेसा (मदर टेरेसा जीवनी को यहाँ पढ़ें)
2.सुनील दत्त
3.लता मंगेशकर (लता मंगेशकर जीवनी यहाँ पढ़ें)
4.उस्ताद बिस्मिलाह खान
5.के आर नारायण
6.जगन नाथ कॉल
7.दिलीप कुमार (दिलीप कुमार जीवनी यहाँ पढ़ें)
8.मौलाना वहिद्दुनी खान
9.कपिला वात्स्यानन
10.मोहम्मद युनुस
11.हितेश्वर सैकिया और सुभद्रा जोशी (संयुक्त रूप में)
12.निर्मला देशपांडे
13.तीस्ता सीतलवाड़ और हर्ष मंडेर (संयुक्त रूप में)
14.एस एन सुब्बाराव, स्वामी अग्निवेश और मदारी मोईदीन (संयुक्त रूप में)
15.एन राधाकृष्णन
16.डी.आर.मेहता
17.हेम दत्ता
18.मुजफ्फर अली (भारत के नामी फ़िल्मकार)
19.स्पिक मैके
20.गौतम भाई
21.अमजद अली खान

इस साल 2016 में (Rajiv Gandhi Sadbhavana Award 2016 winner) सद्भावना अवार्ड पाश्व गायक शुभा मुद्गल को मिलेगा.  

Vibhuti

विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|

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